उत्तराखण्ड

17 शिक्षकों को शैलेश मटियानी पुरस्कार

देहरादून। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने देहरादून राजभवन में 17 शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों एवं दुर्गम क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षक वास्तव सम्मान के अधिकारी हैं। राज्यपाल ने कहा कि गुरु का स्थान सबसे ऊपर है। राज्य शैक्षिक पुरस्कार से चयनित उत्कृष्ट शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। राज्यपाल ने शिक्षकों से कहा बच्चों के सर्वांगीण विकास का दायित्व आप सभी के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि गुरु का कार्य केवल शिक्षा देना नहीं बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में शिक्षक ही वह कड़ी है जो छात्रों को सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का काम करता है। राज्य के विकास और नौनिहालों के विकास में शिक्षकों के योगदान को न्यून नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के ट्रेनिंग और कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं शुरू की है , ताकि समय के साथ शिक्षक छात्रों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी पुरस्कार की धनराशि 10 हजार से बढाकर 20 हजार करने की घोषणा की।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सभी के अथक प्रयासों से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन ने सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और सम्मान समारोह की विस्तृत जानकारी दी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरु, शिक्षा विभाग के अन्य उच्च अधिकारीगण और पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं व उनके परिजन उपस्थित रहे

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